
श्री प्रभात शुक्ल
पूर्व ब्लॉक प्रमुख, उसका बाजार
कुछ कहानियाँ एक जगह से शुरू होती हैं।
हमारी कहानी की वह जगह है, सिद्धार्थनगर।
अपना सिद्धार्थनगर
नाम में सिद्धार्थ, मिट्टी में इतिहास।

अपने शहर का एक पन्ना
नेपाल की सीमा से सटा सिद्धार्थनगर, कपिलवस्तु और पिपरहवा की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा है। जनपद का नाम गौतम बुद्ध के बाल्यकाल के नाम ‘सिद्धार्थ’ पर रखा गया।
29 दिसंबर 1988 को बस्ती के उत्तरी भाग से अलग होकर इस जिले की शुरुआत हुई।

स्वर्गीय श्री ईश्वर चन्द्र शुक्ल
उसका बाजार के पास करमा गाँव के एक गरीब परिवार में ईश्वर चन्द्र शुक्ल (Ishwar Chandra Shukla) का जन्म हुआ। सीमित साधनों के बीच अपनी मेहनत, लगन और अटूट हौसले से उन्होंने आगे की राह बनाई।
गाँव की राजनीति से ब्लॉक प्रमुख और फिर विधायक तक, उनका सार्वजनिक जीवन कई दशकों में आगे बढ़ा। कांग्रेस संगठन में काम करते हुए वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के पद तक पहुँचे।


संगठन की नींव
यूथ कांग्रेस के महामंत्री बने।
सहकारी बैंक के निदेशक निर्वाचित हुए।
एम.ए. 1974 · बी.एड. 1975
गोरखपुर विश्वविद्यालय
एल.एल.बी. 1981 · लखनऊ विश्वविद्यालय
अपनी धरती की ज़िम्मेदारी
उसका बाजार के ब्लॉक प्रमुख रहे।
कांग्रेस के टिकट पर नौगढ़ से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा।
विधानसभा तक
सिद्धार्थनगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी निभाई।
नौगढ़ से कांग्रेस के विधायक निर्वाचित हुए।
कांग्रेस के टिकट पर बांसी से चुनाव लड़ा।
2007–2012
उसका बाजार का एक नया अध्याय
उनके विधायक कार्यकाल में उसका बाजार को नगर पंचायत का दर्जा मिला।
2007
विधानसभा में पूर्वांचल की आवाज़
2007 में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में अलग पूर्वांचल राज्य के गठन का प्रस्ताव रखा।

“हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया,
मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया।”
विचार और सरोकार

मूर्ति देवी स्मारक
महाविद्यालय
पकड़ी, उसका रोड · सिद्धार्थनगर
शिक्षा से जुड़ी इस विरासत के संस्थापक प्रबंधक थे स्वर्गीय श्री ईश्वर चन्द्र शुक्ल।
महाविद्यालय की वेबसाइट देखें
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स्रोत से संकलित समाचार · अंतिम संकलन: 24 अक्टूबर 2026
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